
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कुमाऊँ विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा हमें आत्मनिर्भर बनाती है, साथ ही विनम्रता, जिम्मेदारी और समाज के प्रति योगदान का मूल्य भी सिखाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण और राष्ट्र विकास में भागीदारी का माध्यम भी है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्गों की सेवा करने के अवसरों को अपनाया जाए और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई जाए।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उपाधियाँ और सम्मान प्रदान किए गए। समारोह में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर भी जोर दिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य के नागरिकों को तैयार करने में उनका योगदान अमूल्य है।
निष्कर्ष:
दीक्षांत समारोह ने न केवल छात्रों को सम्मानित किया, बल्कि उन्हें समाज सेवा और राष्ट्रहित के आदर्शों से जोड़ने का संदेश भी दिया।
Discover more from PressX India
Subscribe to get the latest posts sent to your email.