भोपाल:
गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और **नेशनल जुडिशियल एकेडमी, भोपाल** द्वारा नई आपराधिक कानूनों (#NewCriminalLaws) पर दो दिवसीय **राष्ट्रीय सम्मेलन (National Conference)** का आयोजन किया गया।

इस सम्मेलन में देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कुल **120 प्रतिभागियों** ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य फोकस भारत के आपराधिक न्याय तंत्र के तीन प्रमुख स्तंभ — *न्यायपालिका (Judiciary), अभियोजन (Prosecution) और पुलिस (Police)* पर रहा।
सम्मेलन के दौरान नए आपराधिक कानूनों —
📘 **भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita),**
📘 **भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita)** और
📘 **भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam)**
के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।
केंद्रीय गृह सचिव **गोविंद मोहन (Govind Mohan)** ने अपने संबोधन में कहा —
> “नए आपराधिक कानूनों की मूल भावना *प्रौद्योगिकी (Technology)* का समुचित उपयोग, *समयबद्ध जांच (Timely Investigation)* और *न्याय की शीघ्र डिलीवरी (Speedy Justice)* सुनिश्चित करना है।”
उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ और नागरिक केंद्रित बनाना है।
यह सम्मेलन न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण और *टेक्नोलॉजी आधारित जांच प्रणाली* की दिशा में भारत के न्यायिक ढांचे में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Discover more from PressX India
Subscribe to get the latest posts sent to your email.