Legal Aid Conference 2025: Pm Modi ने सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधितLegal Aid Conference 2025: Pm Modi ने सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधित

Legal Aid Conference 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुप्रीम कोर्ट में आयोजित 20वें राष्ट्रीय सम्मेलन – विधिक सहायता वितरण तंत्र को सशक्त बनाने (Legal Aid Delivery Mechanisms) को संबोधित किया।
यह सम्मेलन भारत की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Legal Aid Conference 2025: पीएम मोदी बोले — “Ease of Justice, Ease of Living की नींव है”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब न्याय सबके लिए सुलभ और समय पर मिलता है, तभी यह सामाजिक न्याय (Social Justice) की असली नींव बनता है।
उन्होंने कहा कि न्याय केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर नागरिक तक पहुँचना चाहिए।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि Legal Aid न्याय को सबके लिए सुलभ बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा, “Ease of Doing Business और Ease of Living तभी संभव हैं, जब Ease of Justice भी सुनिश्चित हो।”


Legal Aid Conference 2025: पीएम मोदी बोले Legal Aid से न्याय को नई मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि Legal Aid Delivery Mechanism और Legal Services हमारी न्याय प्रणाली को नई ताकत देंगे।
उन्होंने 20वें राष्ट्रीय सम्मेलन के सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में सरकार Ease of Justice को और मजबूत करने की दिशा में तेजी लाएगी।

वहीं, प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में न्याय प्रणाली को सरल और तेज़ बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब तकनीक न्यायिक प्रक्रिया में नई पारदर्शिता ला रही है।


🤝 Mediation से सामाजिक सद्भाव को बल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि Mediation भारत की संस्कृति का हिस्सा रहा है।
नया Mediation Act इस परंपरा को आधुनिक रूप दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से ऐसे संसाधन तैयार होंगे, जो विवादों को सुलझाने और मुकदमेबाजी को कम करने में मदद करेंगे।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि लोक अदालतों और प्री-लिटिगेशन सेटलमेंट्स की वजह से लाखों विवाद कम लागत में सुलझ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि Legal Aid Defence Counsel System के तहत तीन वर्षों में आठ लाख से अधिक आपराधिक मामलों का निपटारा हुआ है।


💻 E-Courts: Technology से न्याय तक पहुँच

प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक आज Inclusion और Empowerment का माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि E-Courts Project इसका शानदार उदाहरण है।
यह दिखाता है कि कैसे तकनीक न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक और मानवीय बना रही है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक से न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है।
अब हर नागरिक को डिजिटल प्लेटफॉर्म से न्यायिक जानकारी आसानी से मिल रही है।


🗣️ न्याय अब लोगों की भाषा में

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब लोग कानून को अपनी भाषा में समझते हैं, तब अनुपालन बेहतर होता है।
उन्होंने कहा कि जजमेंट्स और कानूनी दस्तावेज़ों का स्थानीय भाषाओं में अनुवाद बहुत आवश्यक है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की पहल की सराहना की, जिसने 80,000 से अधिक निर्णयों का 18 भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया है।
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह पहल आगे हाईकोर्ट और ज़िला अदालतों तक भी पहुँचेगी।


🏁 निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “Ease of Justice ही Ease of Living की असली नींव है।”
उन्होंने न्यायपालिका और विधिक संस्थानों की भूमिका की सराहना की।
साथ ही उन्होंने कहा कि Legal Aid Conference 2025 देश में न्यायिक सुधार की नई दिशा तय करेगा।


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